हरियाणा में लगा पहला एनर्जी लाकडाउन!

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  1. ईंधन बचाओ, खर्च घटाओ: हरियाणा सरकार ने लागू किया बड़ा ऊर्जा संरक्षण प्लान
यमुना टाइम्स ब्यूरो
चंडीगढ़ ( राकेश भारतीय )हरियाणा सरकार ने ईंधन की बचत, ऊर्जा संरक्षण और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग को लेकर बड़ा फैसला लिया है। मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी आदेशों के तहत सितंबर 2026 तक विभिन्न विभागों, बोर्डों, निगमों और आम जनता के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं।
सरकार का कहना है कि कोविड महामारी के बाद वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, रूस-यूक्रेन संघर्ष और बढ़ती ईंधन लागत के कारण संसाधनों के संरक्षण की आवश्यकता महसूस की गई है। इसी के तहत सरकारी खर्चों में कटौती और ऊर्जा बचत को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया गया है।
प्रमुख फैसले
सितंबर 2026 तक सरकारी कर्मचारियों की अधिकांश विदेशी यात्राओं पर रोक।
कम से कम 50 प्रतिशत सरकारी बैठकें ऑनलाइन माध्यम से आयोजित होंगी।
रैलियों, रोड शो और बड़े सार्वजनिक आयोजनों को अनुमति नहीं दी जाएगी।
वीआईपी काफिलों में वाहनों की संख्या 50 प्रतिशत तक घटाई जाएगी।
गैर-इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर रोक।
सरकारी भवनों में एसी का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखना अनिवार्य।
सार्वजनिक परिवहन, कार पूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा।
सरकारी विज्ञापनों, बैनरों और फिजूल खर्ची पर अंकुश।
आम जनता के लिए भी अपील
सरकार ने नागरिकों से अनावश्यक विदेशी यात्राओं, बड़ी सभाओं और ऊर्जा की बर्बादी से बचने का आग्रह किया है। सार्वजनिक परिवहन, कार पूलिंग, स्थानीय उत्पादों के उपयोग और ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने की अपील की गई है।
क्या यह “एनर्जी लॉकडाउन” है?
हालांकि सरकार ने अपने आदेश में कहीं भी “एनर्जी लॉकडाउन” शब्द का उपयोग नहीं किया है, लेकिन ईंधन बचत, सरकारी खर्चों में कटौती, यात्रा सीमित करने और ऊर्जा संरक्षण से जुड़े व्यापक निर्देशों के कारण इसे सोशल मीडिया पर “हरियाणा का पहला एनर्जी लॉकडाउन फेज़” कहा जा रहा है।
यमुना टाइम्स विश्लेषण:
यह फैसला केवल सरकारी मशीनरी तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिकों, उद्योगों और सामाजिक संगठनों को भी ऊर्जा बचत अभियान का हिस्सा बनाने का प्रयास है। आने वाले महीनों में इन निर्देशों का प्रभाव परिवहन, पर्यटन, सरकारी कार्यप्रणाली और सार्वजनिक आयोजनों पर साफ दिखाई दे सकता है।
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