याद्दी हत्याकांड: दो का एनकाउंटर !

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कुरुक्षेत्र निवासी राकेश और आर्यन के पैर में लगी गोली; पुलिस का दावा—शूटरों तक हथियार पहुंचाने में भूमिका की जांच

बड़ी खबर: याद्दी हत्याकांड में पहली बड़ी कार्रवाई
हरभजन सिंह हत्याकांड में बड़ा पुलिस एक्शन, दो संदिग्ध हथियार सप्लायर मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार

यमुना टाइम्स ब्यूरो

यमुनानगर, 11 सितंबर (राकेश भारतीय) मॉडल टाउन में फाइनेंसर एवं ट्रांसपोर्ट कारोबारी हरभजन सिंह उर्फ याद्दी की हत्या की जांच में पुलिस को पहली बड़ी सफलता मिलने की खबर सामने आई है। एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, CIA-2 और थाना छप्पर पुलिस की संयुक्त टीम की गुरुवार देर रात बदमाशों से मुठभेड़ हुई, जिसमें दो बदमाशों के पैर में गोली लगी। दोनों को गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
रिपोर्ट में घायल आरोपियों की पहचान कुरुक्षेत्र निवासी राकेश और आर्यन के रूप में बताई गई है। पुलिस के हवाले से दावा किया गया है कि दोनों पर हरभजन सिंह हत्याकांड में शामिल शूटरों को हथियार उपलब्ध कराने का आरोप है।
मुठभेड़ में क्या हुआ?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, CIA-2 और थाना छप्पर की संयुक्त टीम थाना छप्पर क्षेत्र में आरोपियों की तलाश में थी। इसी दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई।
रिपोर्ट के मुताबिक, बदमाशों की तरफ से फायरिंग किए जाने के बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें राकेश और आर्यन के पैर में गोली लगी। इसके बाद दोनों को काबू कर अस्पताल पहुंचाया गया।


अब असली सवाल—शूटरों तक हथियार कैसे पहुंचे?
हरभजन सिंह की हत्या के मामले में पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल अब भी यही है कि 3 सितंबर की सुबह मॉडल टाउन में वारदात को अंजाम देने वाले दोनों बाइक सवार शूटरों तक हथियार किसने पहुंचाए?
ताजा रिपोर्ट के अनुसार पुलिस अब गिरफ्तार दोनों आरोपियों से यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि—
हथियार उन्हें किस व्यक्ति या नेटवर्क से मिले?
हथियार शूटरों तक कैसे पहुंचाए गए?
क्या दोनों को हत्या की योजना की पहले से जानकारी थी?
क्या उनकी भूमिका केवल हथियार उपलब्ध कराने तक सीमित थी?
शूटरों से उनका सीधा संपर्क था या किसी तीसरे व्यक्ति के माध्यम से हथियार पहुंचाए गए?
यानी जांच अब केवल शूटरों की तलाश से आगे बढ़कर कथित हथियार सप्लाई नेटवर्क तक पहुंचती दिखाई दे रही है।
कुरुक्षेत्र कनेक्शन और मजबूत?
यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पहले जांच में हरभजन सिंह हत्याकांड में इस्तेमाल बाइक की कड़ी कुरुक्षेत्र तक पहुंचने की बात सामने आई थी।
अब यदि गिरफ्तार दोनों आरोपियों का संबंध भी कुरुक्षेत्र से सामने आता है, तो पुलिस के लिए यह जांच का महत्वपूर्ण सिरा बन सकता है। हालांकि बाइक कनेक्शन और इन दोनों आरोपियों के बीच सीधा संबंध पुलिस द्वारा आधिकारिक रूप से स्थापित किया जाना अभी बाकी है।
शूटर अभी भी पुलिस की प्राथमिकता
3 सितंबर को मॉडल टाउन में जिम से बाहर निकलते ही हरभजन सिंह पर बाइक सवार दो हमलावरों ने फायरिंग की थी। घटना के बाद से पुलिस लगातार CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और आरोपियों के संभावित संपर्कों की जांच कर रही थी।
अब राकेश और आर्यन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के लिए सबसे अहम कड़ी उनसे पूछताछ और उसके आधार पर शूटरों तक पहुंचना होगी।


क्या गैंग कनेक्शन भी खुलेगा?
हत्या के बाद सोशल मीडिया पर शुभम पंडित के नाम से जिम्मेदारी लेने वाली पोस्ट सामने आई थी। हालांकि उस पोस्ट की प्रामाणिकता पुलिस द्वारा सार्वजनिक रूप से पुष्टि नहीं की गई थी। ताजा रिपोर्ट में भी इसे सोशल मीडिया पर किए गए दावे के रूप में ही बताया गया है।
इसलिए फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगा कि गिरफ्तार राकेश और आर्यन का किसी विशेष गैंग से संबंध है या हत्या उसी गैंग के इशारे पर हुई। पूछताछ और पुलिस की आधिकारिक जांच से ही तस्वीर साफ होगी।

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