सरस्वती कला मंदिर की रामलीला का भूमि पूजन, 13 अक्टूबर से होगी शुरू यमुना टाइम्स ब्यूरो यमुनानगर ( साहिल )सरस्वती कला मंदिर द्वारा पुराना हमीदा स्थित श्री अयोध्या नगरी में आयोजित की जाने वाली भव्य रामलीला व राज तिलक का आज भूमि पूजन किया गया। कला मंदिर के प्रधान जंगशेरContinue Reading

यमुना टाइम्स विशेष: शनिवार को महालक्ष्मी और जीवित पुत्रिका व्रत एक साथ, दो कथाओं का एक ही फल  यमुना टाइम्स ब्यूरो यमुनानगर(राकेश भारतीय ) “हमारे पर्व, हमारे त्यौहार… यूं तो पूरे विश्व को एक सूत्र में पिरोकर ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ का संदेश देते हैं और इसी संदेश का सबसे खूबसूरत उदाहरणContinue Reading

हरियाली, संस्कृति और अपनों का संग… यही है तीज की असली पहचान। यमुना टाइम्स ब्यूरो यमुनानगर (राकेश भारतीय )अग्रवाल वैश्य महिला संगठन द्वारा हर्बोल्लास में बड़े उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया तीज महोत्सव। रंग-बिरंगे परिधानों, झूले, मेहंदी, गीत-संगीत, नृत्य और आत्मीय मिलन ने पूरे आयोजन को यादगारContinue Reading

  यमुना टाइम्स ब्यूरो धर्म संस्कृति डेस्क :अधिक मास 2026 : क्यों कहा जाता है इसे भगवान विष्णु का सबसे प्रिय महीना? जानिए क्या करें, क्या न करें और कौन से छोटे उपाय बदल सकते हैं जीवन भारत की सनातन परंपरा में कुछ महीने केवल तिथियां नहीं होते, बल्कि आत्मशुद्धिContinue Reading

सकट चौथ(गणेश चतुर्थी) माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को सकट चौथ भी कहते हैं, इस दिन गणेश जी पर बहुत बड़ा संकट आया था जो माँ पार्वती जी की कृपा से दूर हो गया ।। इस दिन माताएं अपनी संतान के लिए निर्जला व्रत करती हैं ।।Continue Reading

📰 *मद्रास हाई कोर्ट के फैसले के अनुसार, भगवद गीता को केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं माना जा सकता, बल्कि यह जीवन-मूल्य, दर्शन और नैतिक शिक्षा का स्रोत है।* *कोर्ट ने स्पष्ट किया कि गीता और योग का शिक्षण शैक्षणिक उद्देश्य से किया जा सकता है और इसे धार्मिक प्रचार नहींContinue Reading

यमुना टाइम्स, डिजिटल डेस्क चंडीगढ़; हमारे देश की सभ्यता एवं संस्कृति से प्रभावित होकर दुनिया भर के देशों के लोग यहां आते रहे है। रूस की एक महिला भी यहां आई और एक गुफा में एकांत में रहने लगी । कर्नाटक पुलिस को सूचना मिली कि रूस की एक महिलाContinue Reading

सुन्दर स्त्री बाद में शूर्पणखा निकली। सोने का हिरन बाद में मारीच निकला। भिक्षा माँगने वाला साधू बाद में रावण निकला। लंका में तो निशाचार लगातार रूप ही बदलते दिखते थे। हर जगह भ्रम, हर जगह अविश्वास, हर जगह शंका लेकिन बावजूद इसके जब लंका में अशोक वाटिका के नीचेContinue Reading

दुनिया भर के इतिहास में ऐसा आदर्श हमको देखने को मिलता है जब एक व्यक्ति नि:स्वार्थ भाव से आत्म बलिदान दे वीर गोकुला के पूर्वज सदियों से महावन बलदेव क्षेत्र के जागीरदार राजा थे|| इनके पूर्वज महाराजा कुलिचंद जाट महमूद गजनवी से युद्ध लड़ा…. दिल्ली के बादशाह अलमगीर औरंगजेब नेContinue Reading