यमुनानगर में बिजली-पानी का संकट गहराया: जनरेटर से पानी भरने के 500 रुपये तक वसूल रहे, जगाधरी में रात भर जाम और प्रदर्शन

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बिजली निगम की हड़ताल से जनजीवन अस्त-व्यस्त, शादिपुर से जम्मू कॉलोनी तक अंधेरा, ग्रामीण इलाकों में हालात ज्यादा खराब

यमुना टाइम्स ब्यूरो

यमुनानगर/जगाधरी(राकेश भारतीय ) बिजली निगम कर्मचारियों की हड़ताल के बीच यमुनानगर और जगाधरी में बिजली-पानी का संकट गहरा गया है। बुधवार देर रात से बिजली गुल होने के कारण हजारों घरों में अंधेरा पसरा है और नलों में पानी आना बंद हो गया है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि लोगों को अपनी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए जेब से मोटी रकम खर्च करनी पड़ रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पानी की टंकी भरने के लिए जनरेटर संचालक 500 रुपये तक की मांग कर रहे हैं। बिजली नहीं होने से मोटरें नहीं चल रही हैं, जिसके कारण लोग ट्रैक्टर और ऑटो पर जनरेटर लादकर गली-गली घूम रहे जनरेटर संचालकों से पानी भरवाने को मजबूर हैं।

शहर की कई कॉलोनियां अंधेरे में

बिजली संकट का सबसे ज्यादा असर यमुनानगर के शादिपुर, रायपुर, कामी माजरा, पुराना हमीदा कैंप, जम्मू कॉलोनी सहित कई इलाकों में देखा जा रहा है। इन क्षेत्रों में बुधवार रात से लगातार बिजली आपूर्ति बाधित है। लोगों का कहना है कि ना तो पीने का पानी उपलब्ध हो पा रहा है और ना ही घरों में लाइट है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।

जगाधरी में रात भर प्रदर्शन

बिजली-पानी की समस्या से नाराज जगाधरी की करीब आधा दर्जन कॉलोनियों के लोगों ने बुधवार देर रात सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जगाधरी इलाके की बिजली जानबूझकर बंद की गई है। हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

पानी भरना बना महंगा सौदा

बिजली गुल होने से पानी की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। घरों की टंकियां खाली पड़ी हैं। इसका फायदा उठाते हुए कुछ जनरेटर संचालक ऑटो या ट्रैक्टर पर जनरेटर जोड़कर कॉलोनियों में पहुंच रहे हैं और एक टंकी पानी भरने के एवज में 300 से 500 रुपये तक वसूल रहे हैं। आम परिवार के लिए रोज-रोज इतना खर्च उठाना मुश्किल हो गया है।

गांवों तक फैला संकट

यह संकट सिर्फ शहर तक सीमित नहीं है। जगाधरी के साथ-साथ बूड़िया, छछरौली और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप बताई जा रही है। ग्रामीणों के मुताबिक, यमुनानगर शहर के मुकाबले गांवों में संकट ज्यादा गंभीर है। बिजली नहीं आने से खेतों की सिंचाई और घरेलू काम दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

फिलहाल बिजली आपूर्ति बहाल होने को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है। जब तक हड़ताल खत्म नहीं होती और सप्लाई सुचारू नहीं होती, लोगों की परेशानी कम होने की उम्मीद नहीं है।

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