जब राजनीति वाली खटास, शादी वाले गुलदस्ते में बदल गई!

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*कांग्रेस के आंगन से निकली शहनाई, भाजपा के घर बजी… और बीच में सारी सियासत मुस्कुराने लगी*

 यमुना टाइम्स ब्यूरो

यमुनानगर( राकेश भारतीय )हरियाणा की सियासत में अक्सर देखा है – एक तरफ हाथ का निशान, दूसरी तरफ कमल का फूल। विधानसभा में सवाल-जवाब, मंच पर वार-पलटवार।

पर इस बार सीन ही पलट गया।

जगाधरी से कांग्रेस के विधायक चौधरी अकरम खान के घर से बेटी की डोली उठी, और सीधी जा पहुंची भाजपा के बड़े नेता शाहनवाज हुसैन के घर। रिश्ता? सियासत का नहीं, दिलों का।

और मज़े की बात देखिए – इस शादी में वो हुआ जो हरियाणा ने बहुत कम देखा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी खुद फूलों का गुलदस्ता लिए दूल्हा-दुल्हन को आशीर्वाद देने पहुंचे। साथ में भाजपा के दिग्गज, कांग्रेस के अपने, सब एक ही फ्रेम में, एक ही मुस्कान में।

आपको दिख रही तस्वीरें ही सबूत हैं – एक तस्वीर में सीएम साहब गुलाबों का गुलदस्ता दे रहे हैं, तो दूसरी में गिफ्ट बॉक्स। चेहरे पर न कोई चुनावी तनाव, न कोई पार्टी लाइन। सिर्फ एक बुजुर्ग का बच्चों को दुलार।

मतलब साफ है –

बच्चों ने वो कर दिखाया जो बड़े-बड़े मंच नहीं कर पाए।
जहां बड़ों की जुबां पर गिले-शिकवे थे, वहां बच्चों ने रिश्तों की मिठास घोल दी।
जहां टीवी डिबेट में खटास थी, वहां शादी के मंडप में मिठास थी।

इसे कहते हैं असली हरियाणवी-जमुना तहज़ीब।

सियासत अपनी जगह, विचारधारा अपनी जगह, पर जब घर में शहनाई बजती है तो सब एक थाली के मेहमान बन जाते हैं। न कोई कांग्रेस, न कोई भाजपा – बस दो परिवार, एक नया रिश्ता।

और यमुनानगर-जगाधरी वालों के लिए तो डबल खुशी है। उनका अपना बेटा-बेटी जैसा रिश्ता अब दिल्ली तक की सियासत में चर्चा का विषय है, वो भी नफरत से नहीं, मोहब्बत से।

तो भई, यमुना टाइम्स का तो यही मानना है –
कुर्सी आती-जाती रहेगी, पार्टी बदलती रहेगी, पर ये जो शादियों वाले लड्डू हैं न, ये ही सियासत की कड़वाहट को मीठा करते रहेंगे।

*दोनों परिवारों को बहुत-बहुत मुबारकबाद!*

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