मंदिर की भूमि व फंड में अनियमितताओं के आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग
यमुना टाइम्स ब्यूरो
यमुनानगर, 4 अगस्त( राकेश भारतीय ) जिमखाना क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता के बाद पर्यावरण मित्र फाउंडेशन के अध्यक्ष चिराग सिंघल और अधिवक्ता सुमीत गर्ग की ओर से एक विस्तृत प्रेस नोट जारी किया गया, जिसमें श्री मूर्ति सत्य नारायण मंदिर से जुड़ी भूमि, धार्मिक संस्थाओं के फंड, कथित वित्तीय अनियमितताओं तथा अधिवक्ता पर हुए कथित हमले को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। साथ ही पूरे मामले की सीबीआई अथवा विजिलेंस से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है।

पत्रकार वार्ता में अधिवक्ता सुमीत गर्ग ने दावा किया कि श्री मूर्ति सत्य नारायण मंदिर की भूमि से जुड़े राजस्व रिकॉर्ड में कथित तौर पर हेरफेर कर मंदिर के अधिकारों को प्रभावित किया गया। उनका आरोप है कि मंदिर की भूमि पर अवैध रूप से फैक्ट्री संचालित की जा रही है तथा इसी आधार पर आर्थिक लाभ और बैंक ऋण प्राप्त किया गया।
प्रेस को जारी ब्यान में में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ धार्मिक संस्थाओं और धर्मशालाओं के फंड का दुरुपयोग किया गया, सार्वजनिक एवं धार्मिक संपत्तियों पर कब्जे किए गए तथा कमलापुरी घाट, पुल निर्माण और मंदिर से जुड़ी अन्य संपत्तियों के मामलों में भी अनियमितताएं हुई हैं।

अधिवक्ता सुमीत गर्ग ने यह भी दावा किया कि मंदिर से जुड़े विवाद को अदालत में ले जाने के बाद 1 अगस्त 2026 को उनके घर पर हमला किया गया। उनके अनुसार इस संबंध में मेडिकल रिकॉर्ड (एमएलआर) और सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध हैं तथा पुलिस से कार्रवाई की मांग की गई है।
पत्रकार वार्ता में यह भी बताया गया कि सह-याचिकाकर्ता के हटने के बाद चिराग सिंघल को “नेक्स्ट फ्रेंड” के रूप में अदालत में शामिल करने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया है। साथ ही श्रद्धालुओं से इस कानूनी लड़ाई में सहयोग की अपील की गई।
प्रेस वार्ता के दौरान वक्ताओं ने पूरे प्रकरण की सीबीआई अथवा राज्य विजिलेंस से निष्पक्ष जांच कराने की मांग दोहराई, ताकि सभी आरोपों की सत्यता सामने आ सके।
दूसरे पक्ष का इंतजार:
समाचार में जिन व्यक्तियों एवं संस्थाओं पर आरोप लगाए गए हैं, उनका पक्ष भी प्राप्त होने पर प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
आ गया दूसरे पक्ष का पक्ष
समाचार प्रकाशित होने के बाद यमुना टाइम्स से बातचीत में समाजसेवी लाला कैलाश चंद अग्रवाल ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज सेवा के कार्यों में लगाया है। उनका मानना है कि जब कोई व्यक्ति समाजहित में कार्य करता है तो कुछ लोग उसकी टांग खींचने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि “हमेशा फलदार वृक्षों पर ही पत्थर पड़ते हैं।”
एडवोकेट सुमीत गर्ग और चिराग सिंघल द्वारा लगाए गए आरोपों के संबंध में कैलाश चंद अग्रवाल ने कहा कि इस पूरे मामले में न्यायालय में वाद विचाराधीन है। इसलिए वह सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी करना उचित नहीं समझते और अपना पक्ष न्यायालय में ही रखेंगे। उन्होंने बताया कि आरोप लगाने वाले पक्ष ने करीब छह माह पहले उनके विरुद्ध न्यायालय में मामला दायर किया था। उनके अनुसार उन पर लगाए गए सभी आरोप निराधार, असत्य और तथ्यहीन हैं तथा उन्हें न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है। कैलाश अग्रवाल ने कहा कि उचित समय पर न्यायालय में सभी आरोपों का तथ्यात्मक उत्तर दिया जाएगा।
(यमुना टाइम्स निष्पक्ष पत्रकारिता के सिद्धांतों का पालन करते हुए दोनों पक्षों का पक्ष अपने पाठकों तक पहुंचा रहा है।)










