बम की अफवाह फैलाने वाला निकला पुलिस का हेड कांस्टेबल

इस खबर को सुनें
राजधानी एक्सप्रेस में बम की अफवाह फैलाने वाला निकला दिल्ली पुलिस का हेड कांस्टेबल
निजी रंजिश में देश की सुरक्षा से किया खिलवाड़
 डिजिटल डेस्क, यमुना टाइम्स
अलीगढ़ : तेजस राजधानी एक्सप्रेस में बम होने की झूठी सूचना देकर हड़कंप मचाने वाला कोई आम व्यक्ति नहीं, बल्कि दिल्ली पुलिस का हेड कांस्टेबल निकला। जीआरपी अलीगढ़ जंक्शन पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए दिल्ली पुलिस में तैनात हेड कांस्टेबल रिंकू तेवतिया को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार 17 जनवरी 2026 को डायल 112 पर ट्रेन संख्या 12310 राजधानी एक्सप्रेस में बम रखे होने की सूचना दी गई थी। सूचना मिलते ही ट्रेन को अलीगढ़ रेलवे स्टेशन पर रोक दिया गया। जीआरपी, आरपीएफ और बम निरोधक दस्ते ने करीब 45 मिनट तक सघन जांच की, लेकिन कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद जांच को गंभीरता से आगे बढ़ाया गया।
 तकनीकी जांच में खुला राज
जीआरपी प्रभारी निरीक्षक संदीप तोमर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की। जांच में सामने आया कि कॉल जिस मोबाइल से की गई थी वह नया था, लेकिन सिम कार्ड आरोपी के नाम पर ही रजिस्टर्ड था। यही लापरवाही आरोपी के लिए गिरफ्तारी का कारण बन गई।
दिल्ली पुलिस में तैनात था आरोपी
पुलिस ने 18 जनवरी 2026 को दिल्ली के नरेला औद्योगिक क्षेत्र से आरोपी रिंकू तेवतिया (उम्र लगभग 40 वर्ष), निवासी ग्राम विलायपुर, थाना गुलावटी, जिला बुलंदशहर को गिरफ्तार किया। आरोपी वर्तमान में दिल्ली पुलिस में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात था और नरेला स्थित पुलिस कॉलोनी में रह रहा था। पुलिस ने उसके कब्जे से मोबाइल फोन भी बरामद किया है।
 पड़ोसी को फंसाने की साजिश
पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसका अपने पड़ोसी रविंद्र से लंबे समय से विवाद चल रहा था। हाल ही में उसके छोटे भाई के साथ गांव में मारपीट हुई थी, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान और आक्रोशित था। बदला लेने की नीयत से उसने राजधानी एक्सप्रेस में बम की झूठी सूचना दी, ताकि पुलिस कार्रवाई में उसके पड़ोसी और परिवार को फंसाया जा सके।
 नशे में की थी कॉल
आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि उसने शराब के नशे में यह कॉल की थी और बाद में अपनी गलती का एहसास हुआ। जीआरपी अलीगढ़ जंक्शन पुलिस ने महज तीन दिनों में मामले का पर्दाफाश कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसे न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे