ब्रिटिश नागरिकता, लेकिन वेतन यूपी सरकार से!
मौलाना शम्सुल हुदा खान पर प्रवर्तन निदेशालय का शिकंजा
डिजिटल डेस्क
यमुना टाइम्स प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) लखनऊ ने उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर और आजमगढ़ में मौलाना शम्सुल हुदा खान से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के बाद कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।

जांच में पता चला है कि शम्सुल हुदा खान ने 2013 में भारतीय नागरिकता छोड़कर ब्रिटिश नागरिकता ले ली थी। इसके बावजूद वह 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव में मतदान करने के लिए विशेष रूप से यूके से भारत आया।

एजेंसियों का आरोप है कि विदेशी नागरिकता की जानकारी छिपाकर उसने 2017 तक सरकारी वेतन और 2023 तक पेंशन का लाभ लिया। इसी आधार पर पुलिस ने जालसाजी और धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था, जिसके बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की।

एनजीओ के जरिए करोड़ों का ट्रांजैक्शन
ईडी की शुरुआती पड़ताल में सामने आया कि 2013 से 2017 के बीच मौलाना और उससे जुड़ी संस्थाओं के खातों में 5.28 करोड़ रुपये से ज्यादा जमा हुए। इनमें से 3.83 करोड़ रुपये सीधे उसके निजी खातों में ट्रांसफर होने की बात कही जा रही है।
फिलहाल दस्तावेज़ खंगाले जा रहे हैं और वित्तीय लेन-देन की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे संभव माने जा रहे हैं।
📢 प्रस्तुति : यमुना टाइम्स
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