यमुना टाइम्स ब्यूरो
यमुनानगर (राकेश भारतीय ) गांव बीबीपुर निवासी मेहर खातून का सिजेरियन किए जाने के बाद पेट में पट्टी छोड़े जाने के मामले में शहर जगाधरी थाना पुलिस ने पांच डाक्टरों के विरुद्ध केस दर्ज किया है। यह मामला 25 दिसंबर को कष्ट निवारण समिति की बैठक में भी उठा। जिस पर मंत्री ने भी केस दर्ज करने के आदेश दिए थे।अब पुलिस ने डा. सोना गोयल, डा. अनूप गोयल, डा. प्रदीप तहलान, डा. निखिल मेहता व डा. कुलदीप के विरुद्ध केस दर्ज किया है। डाक्टरों का कहना है कि बेवजह आरोप लगाए जा रहे हैं। इलाज व जांच में कोई लापरवाही नहीं बरती गई।
गांव बीबीपुर निवासी मेहर खातून की ओर से दी गई शिकायत में बताया गया कि 12 मार्च 2025 को उन्हें प्रसव के लिए जगाधरी स्थित एसपी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि वहां डा. सोना गोयल और उनके पति सेवानिवृत्त डिप्टी सिविल सर्जन डा. अनूप गोयल ने मिलकर सिजेरियन आपरेशन किया। आपरेशन के दौरान लापरवाही बरतते हुए डाक्टरों ने पेट में सर्जिकल स्पंज छोड़ दिया। इसका पता तब लगा। जब अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद दर्द रहने लगा। आपरेशन के बाद लगाए गए टांकों की वजह से दर्द रहने लगा। जिसके चलते बूड़िया में एक डाक्टर को दिखाया। उन्होंने अल्ट्रासाउंड की सलाह दी। अल्ट्रासाउंड सेंटर से जांच कराई। आरोप है कि सेंटर के डाक्टर प्रदीप तहलान ने डा. अनूप से मिलीभगत कर नार्मल रिपोर्ट बना दी। इसके बाद दोबारा एसपी अस्पताल में गए। वहां बताया गया कि टांकों की वजह से पस बन गई है। छोटा सा आपरेशन कराने की सलाह दी गई लेकिन उस समय आपरेशन नहीं कराया और बूड़िया में अपने जानकार डाक्टर के पास स्वजन लेकर पहुंचे। पीड़िता का आरोप है कि 17 अप्रैल को दोबारा मेहता अल्ट्रासाउंड इमेंजिंग सेंटर में अल्ट्रासाउंड कराया। उस समय भी डाक्टर निखिल मेहता ने गुमराह किया और कह दिया कि पेट में गैस बनी हुई है। इसलिए दर्द रहता है। इसके लिए आपरेशन कराना होगा। उन्होंने एसपी अस्पताल में जाने की सलाह दी लेकिन स्वजन ने वहां जाने से इन्कार कर दिया। बाद में पंचकूला के निजी अस्पताल में लेकर गए। जहां जांच कराई गई तो पता लगा कि गर्भ सर्जिकल स्पंज छोड़े गए हैं।
2026-01-28












