राकेश भारतीय
यमुना टाइम्स
मिडिल ईस्ट : ईरान पर संयुक्त साइबर-सैन्य हमला; सरकार की संचार प्रणाली और इंटरनेट चौपट, देश में तनाव चरम पर
ईरान के व्यापक डिजिटल नेटवर्क को निशाना बनाने वाली साइबर हमलों की सूचना के बीच इंटरनेट कनेक्टिविटी लगभग सामान्य स्तर का मात्र 4% रह गई है, जिससे देशव्यापी संचार लगभग ठप हो गया है। विशेषज्ञों के अनुसार यह नेटवर्क व्यवधान सरकारी वेबसाइटों, मीडिया आउटलेट्स और स्थानीय डिजिटल सेवाओं पर केंद्रित गंभीर साइबर ऑपरेशन का परिणाम है।
रिपोर्टों के मुताबिक ईरानी सरकारी पोर्टल IRNA के अलावा सैन्य-समर्थित Tasnim मीडिया प्लेटफॉर्म को भी हैक किया गया, और कुछ सामग्री में देश के सर्वोच्च नेता के खिलाफ उपद्रवी संदेश दिखाए गए थे।
साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला सिर्फ एक तकनीकी तनाव नहीं, बल्कि सैन्य संघर्ष की एक रणनीतिक कड़ी है — ताकि ईरान की सेना अपनी प्रतिक्रिया समन्वय न कर सके। पश्चिमी खुफिया सूत्रों ने कहा कि इसका लक्ष्य ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं को रोकना भी था।
इसी के साथ, लोकप्रिय धार्मिक कैलेंडर ऐप ‘BadeSaba’ भी कथित रूप से हैक हुई और उसमें प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों को विद्रोह का आह्वान करने वाले संदेश दिखाए गए। यह घटना इंटरनेट ब्लैकआउट के ठीक पहले हुई।
इंटरनेट प्रतिबंध और संचार ब्लैकआउट ने आम नागरिकों के लिए वास्तविक समय में सूचनाओं तक पहुंच को भारी रूप से बाधित किया है। विश्लेषकों का कहना है कि इंटरनेट सेवाओं की गिरावट ने देश में संदेशवाहक नेटवर्क और प्रेस को मौन कर दिया है, जिससे अब केवल सरकारी बयान और सीमित सूचनाएँ ही उपलब्ध हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस साइबर-सैन्य झटके ने तनाव को और तीव्र कर दिया है, और वैश्विक सुरक्षा समुदाय इस स्थिति के संभावित व्यापक प्रभावों पर सतर्क नज़र बनाए हुए है।
जारी है युद्ध की सबसे नई तस्वीर — जहाँ सिर्फ बम ही नहीं गिर रहे हैं , बल्कि डिजिटल दुनिया भी ध्वस्त हो रही है।












