*कैथल विधायक आदित्य सुरजेवाला ने जगाधरी मंडी का दौरा कर धान खरीद की बदहाली को लेकर भाजपा सरकार पर साधा निशाना*
*आदित्य सुरजेवाला ने कहा – नायब सैनी जी, 30 गाड़ियों का एहसान नहीं, किसान का हक दीजिए*
यमुना टाइम्स ब्यूरो
यमुनानगर (राकेश भारतीय )कैथल से कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला ने आज जगाधरी की अनाज मंडी का दौरा कर धान खरीद व्यवस्था की बदहाली को लेकर नायब सैनी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मंडी में धान सड़क और डिवाइडर पर पड़ा है, जबकि सरकार महज 30 गाड़ियों का एहसान जता रही है। किसानों ने दो दिन का अल्टीमेटम दिया है।
विधायक ने कहा कि जगाधरी मंडी में धान अब सड़क के डिवाइडर पर रखा जा रहा है। मजदूर सड़क पर ही धान सुखा रहे हैं और हजारों कट्टे खुले आसमान के नीचे पड़े हैं। किसान और आढ़ती घंटों इंतजार करने के बाद मंडी कमेटी के दफ्तर पर ताला लगाने को मजबूर हुए। चार घंटे तक कर्मचारी अंदर रहे। इसके बाद अफसर आए और 30 गाड़ियां लगाने की बात कही। किसानों ने साफ कह दिया कि रोज कम से कम 60 गाड़ियां चाहिए।
उन्होंने बताया कि यमुनानगर जिले में अब तक 1 लाख 12 हजार टन धान की आवक हुई है। इसमें से 66 हजार टन की खरीद हुई है, लेकिन उठान महज 7 हजार टन ही हो सका है। यानी खरीदे गए हर 10 कट्टों में से 9 अभी भी मंडी में पड़े हैं। जिले की व्यासपुर मंडी में किसानों ने दोनों गेट बंद कर दिए हैं, क्योंकि हफ्ते भर से खरीदा धान नहीं उठाया गया। बारिश से पहले ही करीब 33 हजार टन धान भीग चुका है।
सुरजेवाला ने मुख्यमंत्री नायब सैनी से सवाल करते हुए कहा कि तेज बारिश होने पर फसल का जिम्मेदार कौन होगा? यह स्थिति तब है जब यमुनानगर प्रदेश के कृषि मंत्री का अपना जिला है।
उन्होंने कहा कि एक ही धान की नमी आढ़ती और मार्केट कमेटी की मशीनों में अलग-अलग बताई जा रही है। मुख्यमंत्री के वीडियो कॉन्फ्रेंस में 17 प्रतिशत नमी वाले धान की खरीद का निर्देश आया, लेकिन इससे पहले इसे स्वीकार नहीं किया जा रहा था। नमी के नाम पर 250 रुपये प्रति क्विंटल तक कटौती की जा रही है।
किसान पेमेंट को लेकर उन्होंने कहा कि प्रदेश में 1164 करोड़ रुपये का धान खरीदा गया, लेकिन किसानों के खातों में सिर्फ 199 करोड़ रुपये ही पहुंचे हैं। यमुनानगर में अब तक मात्र 75 किसानों को करीब सवा करोड़ रुपये का भुगतान हुआ है।
पराली जलाने पर 30 महीने तक पोर्टल और सरकारी खरीद बंद करने की धमकी और कंबाइन हार्वेस्टर पर शाम 6 बजे से सुबह 10 बजे तक पाबंदी का भी उन्होंने विरोध किया। भाजपा द्वारा प्रति एकड़ खरीद कोटा घटाकर 27.73 क्विंटल किए जाने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि पिछले साल 35 क्विंटल प्रति एकड़ तक खरीद हुई थी, इस कटौती से किसानों को प्रति एकड़ करीब 17,700 रुपये का सीधा नुकसान हो रहा है।
विधायक ने मांग की कि जगाधरी मंडी से रोज कम से कम 60 गाड़ियां लगाई जाएं, सड़क पर पड़े धान का तुरंत उठान हो, नमी कटौती बंद हो और 72 घंटे में भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
*इस अवसर पर यह लोग उपस्थित रहे –* दविंदर सिंह, जिला अध्यक्ष सतीश तेजली, जगबीर सिंह रुलाखेड़ी, रविन्द्र सिंह बबलू, सतपाल कौशिक, ठाठ सिंह राणा, किसान कांग्रेस जिला अध्यक्ष ईश्वर नैन, बलवान सिंह, शिव कुमार सांधाला, प्रदीप जयरामपुर, पवन वालिया, मुकेश कुशवाहा, सुरिंदर तेजली, सुरिंदर मलिक, विक्रांत ससौली, मुकेश भगत, अंकित पेंजेटा, काला राणा सहित बड़ी संख्या में किसान व कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।













