सोशल मीडिया पोस्ट के बाद कथित ऑडियो ने बढ़ाई पुलिस की चुनौती, 100 से ज्यादा CCTV कैमरे खंगाले; 392 सोशल मीडिया प्रोफाइल भी रडार पर
यमुना टाइम्स ब्यूरो
यमुनानगर, 8 सितंबर (राकेश भारतीय )यमुनानगर के मॉडल टाउन में ट्रांसपोर्ट एवं फाइनेंस कारोबारी हरभजन सिंह उर्फ याद्दी की हत्या की गुत्थी अभी सुलझी भी नहीं है कि मामले ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया है। हत्या के बाद सोशल मीडिया पर सामने आए कथित जिम्मेदारी वाले पोस्ट के बाद अब एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग वायरल होने की खबर है, जिसमें पूर्व विधायक दिलबाग सिंह को धमकी दिए जाने का दावा किया जा रहा है। ऑडियो में आवाज को शुभम पंडित की आवाज बताया जा रहा है, लेकिन पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
एक पोस्ट से शुरू हुआ सिलसिला, अब ऑडियो तक पहुंचा मामला
3 सितंबर को मॉडल टाउन में जिम के बाहर हरभजन सिंह की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर शुभम पंडित के नाम से बनाई गई एक नई इंस्टाग्राम आईडी से हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया था। पोस्ट में रोहित गोदारा ग्रुप का भी नाम सामने आया और हत्या को पूर्व विधायक दिलबाग सिंह से कथित नजदीकी से जोड़ने का दावा किया गया।
पुलिस ने इस पोस्ट को सीधे तौर पर सही मानने के बजाय इसकी तकनीकी जांच शुरू की। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अकाउंट वास्तव में किस डिवाइस और स्थान से संचालित हुआ तथा पोस्ट के पीछे वास्तविक व्यक्ति कौन है।
अब कथित ऑडियो के सामने आने से जांच की दिशा और गंभीर हो गई है।
100 से ज्यादा CCTV कैमरे खंगाले, 392 प्रोफाइल पर नजर
इस हत्याकांड में पुलिस ने वारदात से जुड़े 100 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगालने की बात सामने आई है। जांच में यह भी सामने आया है कि हमलावरों ने वारदात से पहले रेकी की हो सकती है।
दूसरी तरफ वायरल इंस्टाग्राम पोस्ट को शेयर करने वाले लोगों की प्रोफाइल भी पुलिस के रडार पर हैं। रिपोर्ट के अनुसार 392 प्रोफाइल की गतिविधियों को खंगाला जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पोस्ट महज सोशल मीडिया पर फैलाने वालों ने शेयर की या इसके पीछे किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका है।
सबसे बड़ा सवाल—वायरल दावे के पीछे कौन?
अब जांच के सामने तीन अहम सवाल खड़े हैं—
पहला: हरभजन सिंह की हत्या की असली वजह क्या थी?
दूसरा: सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने वाला अकाउंट वास्तविक है या फर्जी?
तीसरा: वायरल ऑडियो वास्तव में उसी व्यक्ति का है, जिसका नाम इसमें सामने आ रहा है, या फिर किसी ने पुलिस और लोगों को गुमराह करने के लिए इसे तैयार किया है?

पुलिस इन तमाम पहलुओं को तकनीकी जांच के जरिए जोड़ने में जुटी है।
याद्दी हत्याकांड से बड़ा हो रहा ‘गैंग एंगल’
दिलचस्प बात यह है कि हत्या के बाद सामने आए सोशल मीडिया दावे में पूर्व विधायक दिलबाग सिंह का नाम आने से मामला केवल व्यक्तिगत रंजिश तक सीमित नहीं रह गया है। अब पुलिस गैंग कनेक्शन, पुरानी रंजिश और सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे धमकी भरे कंटेंट—तीनों पहलुओं को जोड़कर देख रही है।
हालांकि किसी गैंग द्वारा हत्या किए जाने या वायरल ऑडियो में कही गई बातों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल सोशल मीडिया के इन दावों को जांच का हिस्सा माना जाना चाहिए, अंतिम सत्य नहीं।
यमुना टाइम्स का सवाल
अगर वायरल पोस्ट और ऑडियो फर्जी हैं तो इन्हें तैयार करने और फैलाने वाला कौन है?
और अगर ये वास्तविक हैं तो पुलिस की पहुंच से बाहर बैठकर सोशल मीडिया पर धमकी देने वालों तक कानून के हाथ कब पहुंचेंगे?
हरभजन सिंह हत्याकांड में अब असली चुनौती सिर्फ हत्यारों तक पहुंचना नहीं, बल्कि हत्या के बाद सोशल मीडिया पर चल रहे पूरे नेटवर्क की वास्तविकता सामने लाना भी है।
नोट: यह खबर वायरल सोशल मीडिया पोस्ट/ऑडियो में किए गए दावों पर आधारित है। पोस्ट और ऑडियो की स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि पुलिस द्वारा अभी नहीं की गई है।










