फाइनेंस कंपनी पर सोना कम कीमत में हड़पने का आरोप, एसपी से शिकायत
67.8 ग्राम सोना कम कीमत में बेचने का आरोप, पीड़ित बोला—पूरी रकम लौटाने को तैयार, फिर भी सोना वापस नहीं किया
यमुना टाइम्स ब्यूरो
यमुनानगर( राकेश भारतीय )यमुनानगर में कथित फाइनेंसरों के दबाव और मनमाने रवैये को लेकर समय-समय पर शिकायतें सामने आती रही हैं। पुलिस प्रशासन की ओर से भी फाइनेंस कंपनियों और साहूकारों के खिलाफ कार्रवाई की जाती रही है। इसी बीच अब एक नया मामला सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति ने Muthoot Finance की मैनेजर और Jeweller Capital Gold से जुड़े व्यक्ति पर उसके सोने के साथ कथित तौर पर धोखाधड़ी करने और वास्तविक कीमत से काफी कम राशि में सोना लेने का आरोप लगाया है।

पीड़ित संजीव कुमार निवासी बुरिया कॉलोनी, कांसापुर, यमुनानगर ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक यमुनानगर को शिकायत देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
67.8 ग्राम सोना होने का दावा
एसपी को दी शिकायत के अनुसार संजीव कुमार के पास कुल 67.8 ग्राम सोना था, जो दो पैकेटों में रखा हुआ था। शिकायतकर्ता का कहना है कि दोनों पैकेटों का वजन क्रमशः 58.6 ग्राम और 9.2 ग्राम था तथा सोना 22 कैरेट KDM एवं हॉलमार्क था।

पीड़ित के अनुसार वह अपना गोल्ड लोन बंद करवाने के लिए Muthoot Finance के कार्यालय गया था। उसके साथ एक पढ़ा-लिखा मित्र भी था, जो उसे लोन, सोने के वजन और पैसों का हिसाब समझाने में मदद कर रहा था। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कंपनी की मैनेजर ने उसके मित्र को केबिन से बाहर भेज दिया।
10 लाख की कीमत के सोने को 6.33 लाख में देने का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसे केवल 58.6 ग्राम वाले पैकेट का सोना दिखाया गया और करीब ₹4,92,537 का गोल्ड लोन बताया गया। इसके बाद Jeweller Capital Gold के श्री विशाल द्वारा उसके पूरे सोने का सौदा कथित तौर पर ₹6,33,700 में किया गया।
संजीव कुमार का दावा है कि उस समय उसके 67.8 ग्राम सोने की वास्तविक बाजार कीमत करीब ₹10 लाख के आसपास थी। उसका आरोप है कि पूरे सोने का वजन उसके सामने नहीं किया गया और न ही प्रत्येक आभूषण का वजन तथा कीमत उसे स्पष्ट रूप से बताई गई।
पूरी रकम लौटाने को तैयार, फिर भी सोना वापस नहीं मिला
शिकायतकर्ता के अनुसार बाद में जब उसने Muthoot Finance की मैनेजर से मामले को समझने के लिए दोबारा बातचीत की तो उसे Jeweller Capital Gold के श्री विशाल से संपर्क करने के लिए कहा गया।

संजीव का कहना है कि उसने श्री विशाल से बातचीत के दौरान अपना सोना वापस लेने की इच्छा जताई और इसके लिए उसके द्वारा प्राप्त पूरी ₹6,33,700 की रकम वापस करने की पेशकश की। इसमें कथित तौर पर ₹5,78,700 Muthoot Finance को भुगतान की गई राशि और ₹55,000 उसे प्राप्त राशि बताई गई है।
लेकिन शिकायतकर्ता के अनुसार श्री विशाल ने सोना वापस करने से इनकार कर दिया और कहा कि सोना पिघला दिया गया है।
एसपी से जांच और कार्रवाई की मांग
पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। शिकायत में Muthoot Finance की संबंधित मैनेजर तथा Jeweller Capital Gold के श्री विशाल की भूमिका की जांच करने के साथ-साथ CCTV फुटेज, गोल्ड लोन रिकॉर्ड, सोने के वजन से संबंधित दस्तावेज, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड और भुगतान संबंधी दस्तावेज की जांच की मांग की गई है।
पीड़ित ने कहा है कि वह अपनी ओर से प्राप्त पूरी ₹6,33,700 की राशि वापस करने के लिए तैयार है और उसे उसका पूरा 67.8 ग्राम सोना वापस दिलाया जाए। यदि सोना वापस संभव नहीं है तो उसके उचित बाजार मूल्य की राशि दिलाने तथा दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
पत्रकार ने दोनों पक्षों से मांगा जवाब
इस मामले में जब यमुना टाइम्स की ओर से Muthoot Finance की संबंधित मैनेजर से फोन पर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कहा कि वह उस समय घर जा रही हैं और अगली सुबह अपना पक्ष देंगी।
वहीं, शिकायत में लगाए गए आरोपों को लेकर जब Jeweller Capital Gold के श्री विशाल से फोन पर बात की गई तो उन्होंने आरोपों को झूठा बताया। जब उनसे कैमरे के सामने आकर अपना पक्ष रखने का अनुरोध किया गया तो उन्होंने कहा कि वह अगले तीन-चार दिनों के लिए बाहर जा रहे हैं और वापस आने के बाद इस संबंध में बात करेंगे।
पत्रकार को रामपुर पुलिस चौकी से आया फोन
मामले में उस समय एक और घटनाक्रम सामने आया जब कुछ ही देर बाद रामपुर पुलिस चौकी से अशोक कुमार का पत्रकार को फोन आया। अशोक कुमार नें बताया गया कि मैनेजर और फाइनेंसर ने फोन किए जाने को लेकर पुलिस को बताया है और उन्हें चौकी में बुलाकर बैठकर मामला सुलझाने की बात कही गई है।
इस पर पत्रकार की ओर से स्पष्ट किया गया कि दोनों संबंधित पक्षों को केवल समाचार के लिए उनका पक्ष जानने के उद्देश्य से फोन किया गया था। यदि किसी को फोन पर धमकाने या अन्य किसी प्रकार की शिकायत है तो पुलिस अपने स्तर पर जांच कर सकती है और कानून के अनुसार जो उचित कार्रवाई हो, वह की जाए।
बड़ा सवाल—आम आदमी के साथ कैसा व्यवहार होता होगा?
पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि किसी मामले में पत्रकार द्वारा दोनों पक्षों का जवाब लेने के लिए फोन किए जाने के बाद पुलिस चौकी तक मामला पहुंच जाता है, तो सवाल यह भी उठता है कि आम और कम पढ़े-लिखे व्यक्ति के साथ ऐसी परिस्थितियों में फाइनेंस कंपनियों और संबंधित लोगों का रवैया कैसा रहता होगा?
फिलहाल इस पूरे मामले में शिकायतकर्ता के आरोपों की पुलिस जांच होना बाकी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सोने का वास्तविक वजन और मूल्य क्या था, सोना किस प्रक्रिया के तहत बेचा गया, उसे पिघलाने की बात सही है या नहीं और पूरे मामले में किसी प्रकार की अनियमितता या धोखाधड़ी हुई है अथवा नहीं।
यमुना टाइम्स इस मामले में संबंधित सभी पक्षों का जवाब प्रमुखता से प्रकाशित करेगा।









