यमुनानगर में दो नेताओं के पार्टी छोड़ने पर मचा सियासी घमासान!

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यमुमानगर जेजेपी में इस्तीफा या निष्कासन?

महिला सेल की जिलाध्यक्ष गुरजीत कौर संधू और वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष प्रदीप पंडित ने समर्थकों सहित छोड़ी जेजेपी, कई कार्यकर्ताओं ने भी पार्टी से किया किनारा

दूसरी और पार्टी के जिला अध्यक्ष इंतजार अली ने कहा कि त्यागपत्र से पहले ही दोनों नेताओं को पार्टी द्वारा किया गया निष्कासित

यमुनानगर में दो नेताओं के पार्टी छोड़ने पर मचा सियासी घमासान, गुरजीत कौर संधू और प्रदीप पंडित बोले—हमने दिया इस्तीफा; जिलाध्यक्ष इंतजार अली का दावा—अनुशासनहीनता पर पार्टी ने पहले ही कर दिया था बाहर

 

यमुना टाइम्स ब्यूरो

यमुनानगर( राकेश भारतीय  ) जननायक जनता पार्टी में यमुनानगर के अंदर सियासी घमासान शुरू हो गया है। पार्टी की महिला सेल की जिला अध्यक्ष गुरजीत कौर संधू और वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष प्रदीप पंडित द्वारा अपने समर्थकों सहित पार्टी छोड़ने की घोषणा के बाद अब मामले में नया मोड़ आ गया है।


दोनों नेताओं की ओर से सोशल मीडिया पर त्यागपत्र देने की बात कही गई है, जबकि जेजेपी के यमुनानगर जिला अध्यक्ष इंतजार अली ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि दोनों नेताओं को अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते एक दिन पहले ही पार्टी से निष्कासित किया जा चुका था।
‘पहले ही पार्टी से निकाल दिया था’—इंतजार अली
जिला अध्यक्ष इंतजार अली ने कहा कि दोनों नेताओं की गतिविधियां पार्टी अनुशासन के अनुरूप नहीं थीं। इसी कारण पार्टी ने कार्रवाई करते हुए उन्हें पहले ही पार्टी से बाहर कर दिया था।

जब उनसे पूछा गया कि दोनों नेताओं की ओर से पार्टी से दो दिन पहले ही त्यागपत्र दिए जाने की बात कही जा रही है, तो इंतजार अली ने इसे गलत बताया।
उनका कहना था कि ऐसा नहीं है। पहले पार्टी ने उन्हें निष्कासित किया और उसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर त्यागपत्र देने की बात कही।
दूसरी तरफ नेताओं का दावा—‘हमने खुद छोड़ी पार्टी’
वहीं दूसरी ओर प्रदीप पंडित और गुरजीत कौर संधू द्वारा जारी त्यागपत्रों में पार्टी से अलग होने की बात कही गई है।
प्रदीप पंडित ने पार्टी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह जिला अध्यक्ष इंतजार अली की कार्यप्रणाली से संतुष्ट नहीं हैं। उनके अनुसार कार्यकर्ताओं के मान-सम्मान का ध्यान नहीं रखा जा रहा, जिसके चलते उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला लिया।
वहीं महिला सेल की जिला अध्यक्ष गुरजीत कौर संधू ने पार्टी में महिलाओं को उचित मान-सम्मान नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए पार्टी से अलग होने की बात कही है।

 


कौन सही, कौन गलत? यही बना सबसे बड़ा सवाल
अब यमुनानगर की राजनीति में सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा हो गया है कि दोनों नेताओं ने खुद पार्टी से इस्तीफा दिया या पार्टी ने पहले ही उन्हें बाहर कर दिया था?
एक तरफ दोनों नेताओं के त्यागपत्र सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, तो दूसरी तरफ जिला अध्यक्ष इंतजार अली का दावा है कि पार्टी ने उन्हें पहले ही अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित कर दिया था।
दोनों पक्षों के दावों में सामने आए इस विरोधाभास ने जेजेपी के अंदर चल रही खींचतान को सार्वजनिक कर दिया है। अब देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व इस पूरे विवाद पर आगे क्या कार्रवाई करता है और क्या दोनों नेता अपने आरोपों को लेकर कोई और खुलासा करते हैं।
यमुनानगर में जेजेपी के भीतर मचा यह घमासान आने वाले दिनों में पार्टी की स्थानीय राजनीति को किस दिशा में ले जाता है, यह देखना दिलचस्प होगा।

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