धरती मां के गर्भ में जहर! अवैध बोरवेलों से गंदा पानी समाने का खेल जारी
यमुना टाइम्स ब्यूरो
यमुनानगर ( राकेश भारतीय ) :एक तरफ सरकार भूजल बचाने की बात कर रही है, दूसरी तरफ यमुनानगर के कई औद्योगिक और ग्रामीण क्षेत्रों में धरती मां के गर्भ को ही प्रदूषण का अड्डा बनाया जा रहा है। आरोप हैं कि जहां सीवरेज व्यवस्था नहीं है या गंदे पानी के निस्तारण पर खर्च करना पड़ता है, वहां कुछ लोग और कुछ उद्योग संचालक आसान रास्ता चुन रहे हैं—बोरवेल के माध्यम से गंदे पानी को सीधे जमीन के नीचे पहुंचाने का।
जिस धरती की कोख से जीवनदायी जल निकलता है, उसी धरती के भीतर रसायनयुक्त और दूषित पानी पहुंचाकर आने वाली पीढ़ियों के हिस्से का पानी खराब किया जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब प्रशासन ने इस पर रोक लगा रखी है, भारी जुर्माने और कानूनी कार्रवाई के प्रावधान हैं, तो फिर यह खेल किसके संरक्षण में चल रहा है?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ प्लंबर और तकनीकी जानकार लोग मोटी कमाई के लालच में ऐसे अवैध सिस्टम तैयार कर रहे हैं। न कोई जांच, न कोई डर और न ही कानून का भय। नतीजा यह है कि भूजल की गुणवत्ता पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं।

आज जरूरत इस बात की है कि प्रशासन केवल कागजों में कार्रवाई दिखाने की बजाय जमीनी स्तर पर ऐसे अवैध बोरवेलों और प्रदूषण फैलाने वालों की पहचान करे और उनके खिलाफ उदाहरणात्मक कार्रवाई करे।












