खबरों की मरम्मत- यमुना टाइम्स

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यमुना टाइम्स आज से आरंभ करने जा रहा है खबरों की मरम्मत कालम, जिसमें भागम भाग वाली जिंदगी के बीच समाचारो  के शीर्षक के साथ-साथ उन पर व्यंग किया जाएगा अर्थात उनकी मरम्मत की जाएगी, आशा है आप सब इसे पसंद करेंगे ।
 राकेश भारतीय
यमुना टाइम्स ।
यमुनानगर तहसील में विकास कार्यों को लेकर फिर उठे सवाल
 आरोप लगते रहे हैं कि यहाँ विकास से ज़्यादा “सुविधा शुल्क” पर भरोसा किया जाता है। काम तभी चलता है जब जेब गरम हो, वरना फाइलें भी ठंड में चली जाती हैं।
जगाधरी में सड़कों की हालत बदहाल, लोग परेशान
यह कोई नई कहानी नहीं है। सड़कों पर गड्ढे नहीं, भ्रष्टाचार की स्थायी विरासत है। अफसर मलाई खाते रहे और जनता धूल, कीचड़ और गड्ढे।
नगर निगम की बैठक में विकास कार्यों पर घमासान
बैठक में आवाज़ें ऊँची थीं, लेकिन नीयत हमेशा की तरह नीची। विकास पर बहस खूब हुई, काम पर हमेशा की तरह चुप्पी।
-यमुनानगर में अवैध कॉलोनियों पर प्रशासन सख्त
प्रशासन की सख्ती सिर्फ नोटिस तक सीमित है। ज़मीन बिक गई, मकान बन गए, अब याद आया कि कॉलोनी अवैध है।
 औद्योगिक क्षेत्र से प्रदूषण का मामला गरमाया
धुआँ फैक्ट्रियों से निकल रहा है, लेकिन आँखें प्रशासन ने बंद कर रखी हैं। हवा जहरीली हो गई, फाइलें अब भी ताज़ी हैं।
 शहर में ट्रैफिक व्यवस्था चरमराई, जाम से लोग बेहाल
यहाँ ट्रैफिक पुलिस नहीं, भगवान भरोसे व्यवस्था चलती है। जाम लगता है तो लगता है, समाधान बाद में देखा जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती से किसान नाराज़
खेती मौसम से चलती है और बिजली विभाग मूड से। किसान खेत में परेशान, अधिकारी एसी कमरों में आराम फरमाते हैं।
यमुनानगर पुलिस की कार्रवाई, चोरी के मामले में आरोपी गिरफ्तार
छोटी मछलियाँ पकड़ी गईं, बड़ी मछलियाँ आज भी तैर रही हैं। कार्रवाई दिखती है, लेकिन जड़ तक कभी नहीं पहुँचती।
सरकारी स्कूलों में सुविधाओं की कमी पर सवाल
शिक्षा के मंदिरों में सुविधाएँ भगवान भरोसे हैं। योजनाएँ कागज़ों में पूरी, हकीकत में बच्चे अधूरी व्यवस्था के शिकार।
-lस्थानीय खिलाड़ियों ने बढ़ाया जिले का मान
खिलाड़ी अपने दम पर आगे बढ़ रहे हैं। सिस्टम का योगदान सिर्फ बधाई पोस्ट और फोटो खिंचवाने तक सीमित रहता है ।
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