जल बचाओ केवल नारों तक सीमित — भाग 4
पानी बचाने का संदेश, लेकिन पानी को जहर बनाने वालों पर कौन करेगा कार्रवाई?
यमुना टाइम्स ब्यूरो
यमुनानगर (राकेश भारतीय )शहर में जल संरक्षण के पोस्टर लगाए जा रहे हैं, रैलियां निकाली जा रही हैं और लोगों को पानी बचाने का संदेश दिया जा रहा है। लेकिन दूसरी ओर ऐसे लोग भी हैं जो न केवल भूजल का दोहन कर रहे हैं बल्कि धरती के नीचे पहुंचने वाले पानी की गुणवत्ता को भी खतरे में डाल रहे हैं।

यदि किसी क्षेत्र में गंदा पानी, औद्योगिक अपशिष्ट या रसायनयुक्त तरल पदार्थ अवैध रूप से जमीन में पहुंचाए जाते हैं तो उसका प्रभाव वर्षों तक रह सकता है। इसका असर खेतों, जल स्रोतों और आम लोगों के उपयोग में आने वाले पानी पर पड़ सकता है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह सब अक्सर खुलेआम होता है। आसपास के लोग जानते हैं, स्थानीय स्तर पर चर्चा होती है, लेकिन कार्रवाई की रफ्तार उतनी तेज दिखाई नहीं देती जितनी होनी चाहिए।
क्या जल संरक्षण केवल आम नागरिकों के लिए है? क्या नियमों का पालन केवल वही लोग करेंगे जो ईमानदारी से कानून मानते हैं? और जो लोग धरती के नीचे प्रदूषण पहुंचाने का काम कर रहे हैं, उन पर कब कार्रवाई होगी?












