अनिल विज की गैरमौजूदगी ने बढ़ाई चर्चाएं, शिकायतें सुनने पहुंचीं उपायुक्त प्रीति

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यमुनानगर ( राकेश भारतीय )यमुनानगर में जिला जनसंपर्क विभाग की कार्यशैली को लेकर उठे सवालों के बीच आज कैबिनेट मंत्री अनिल विज निर्धारित कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। उनकी अनुपस्थिति में जिला उपायुक्त प्रीति ने लोगों की शिकायतें सुनीं और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

हालांकि प्रशासनिक दृष्टि से यह एक सामान्य प्रक्रिया मानी जा सकती है, लेकिन राजनीतिक और पत्रकारिता जगत में इसे लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। बीते दिनों विभाग द्वारा पत्रकारों को भेजे गए संदेशों की भाषा को लेकर उठे सवालों के बाद अब अनिल विज की अनुपस्थिति को भी उसी कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है।

जिला लोक सम्पर्क एवं कष्ट निवारण समिति की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त प्रीति ने कड़े निर्णय लिए है और अधिकारियों को लोगों की शिकायतों का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए है। बैठक में पहले से निर्धारित 15 परिवाद रखे गए, जिनमें से उपायुक्त महोदय ने 6 परिवादों को मौके पर ही समाधान कर दिया तथा शेष 9 परिवादों को आगामी बैठक तक हल करने के निर्देश दिए।

पत्रकारों और राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि अनिल विज अपने बेबाक बयानों और जनता से सीधे संवाद के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में उनके कार्यक्रमों की मीडिया कवरेज हमेशा चर्चा का विषय रहती है। आज उनके नहीं आने से कई तरह की अटकलें भी लगाई जा रही हैं, हालांकि प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि यह केवल कार्यक्रम संबंधी व्यस्तताओं के कारण हुआ।

उधर, पत्रकारों के बीच यह चर्चा भी बनी रही कि यदि कार्यक्रमों की सूचना केवल “सूचनाार्थ” तक सीमित रहेगी, तो क्या इससे जनप्रतिनिधियों और मीडिया के बीच संवाद प्रभावित होगा?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लोकतंत्र में मीडिया, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर संवाद आवश्यक है। ऐसे में विभागीय कार्यशैली को लेकर उठ रहे सवालों पर स्पष्टता आना भी जरूरी है।

 

फिलहाल अनिल विज की अनुपस्थिति के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यदि इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया आती है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे