संवाद की दिशा में सकारात्मक कदम, पत्रकारों को फिर मिला ‘सादर आमंत्रण’

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यमुना टाइम्स की पहल का सकारात्मक असर, विभाग ने फिर अपनाई पुरानी परंपरा

यमुना टाइम्स ब्यूरो

यमुनानगर( राकेश भारतीय ) जिला जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की ओर से जारी ताजा आमंत्रण पत्र ने पत्रकारों के बीच एक सकारात्मक संदेश दिया है। मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 को लेकर 3 जुलाई को आयोजित होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए विभाग ने एक बार फिर स्पष्ट शब्दों में लिखा है कि “सभी पत्रकार, छायाकार व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि सादर आमंत्रित हैं।”

गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से विभाग द्वारा जारी सूचनाओं में केवल “सादर सूचनाार्थ प्रेषित” जैसे शब्दों का प्रयोग किया जा रहा था, जिस पर पत्रकारों के एक वर्ग ने आपत्ति जताते हुए इसे संवाद की परंपरा के विपरीत बताया था। इस विषय को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा भी हुई थी।

अब विभाग द्वारा पुनः “सादर आमंत्रित हैं” शब्दों का प्रयोग किए जाने को पत्रकार सकारात्मक पहल मान रहे हैं। उनका कहना है कि प्रशासन और मीडिया के बीच सम्मानजनक संवाद लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती का आधार है और इस प्रकार के छोटे-छोटे बदलाव भी आपसी विश्वास को मजबूत करते हैं।

यमुनानगर के पत्रकारों पुरानी फोटो जिसमें पत्रकारों के हितों के लिए विचार विमर्श के पश्चात फोटो सेशन हुआ

हालांकि पत्रकारों का यह भी मानना है कि संवाद को और प्रभावी बनाने के लिए अभी कुछ और कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। विभाग द्वारा संचालित पत्रकारों का व्हाट्सएप ग्रुप अभी भी केवल वन-वे है, जिसमें विभाग तो सूचनाएं भेज सकता है, लेकिन पत्रकार अपनी जिज्ञासा, सुझाव या प्रतिक्रिया दर्ज नहीं कर सकते। यदि इस व्यवस्था में भी सुधार किया जाए तो संवाद और अधिक सार्थक हो सकता है।

इसके अलावा लंबे समय से उपेक्षित मीडिया सेंटर की स्थिति भी सुधार की प्रतीक्षा कर रही है। खराब कंप्यूटर, प्रिंटर का अभाव, टपकती छत और अन्य मूलभूत सुविधाओं का अभाव आज भी पत्रकारों की चिंता का विषय बना हुआ है, जबकि मानसून की शुरुआत हो चुकी है।

यमुना टाइम्स का मानना है कि जहां सकारात्मक बदलाव हों, उनका स्वागत होना चाहिए। साथ ही उम्मीद है कि विभाग पत्रकारों के हितों से जुड़े शेष मुद्दों का भी शीघ्र समाधान करेगा, ताकि प्रशासन और मीडिया के बीच संवाद, सहयोग और विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।

स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे