डीसी ने कहा- प्रशासन और मीडिया में निरंतर संवाद जरूरी, पत्रकार बोले- पहले यमुनानगर में तो शुरू हो संवाद

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डीसी ने कहा- प्रशासन और मीडिया में निरंतर संवाद जरूरी, पत्रकार बोले- पहले यमुनानगर में तो शुरू हो संवाद

यमुना टाइम्स ब्यूरो
यमुनानगर ( राकेश भारतीय )पीआईबी की ओर से आयोजित “वार्तालाप” कार्यशाला में उपायुक्त प्रीति ने प्रशासन और मीडिया के बीच निरंतर संवाद और समन्वय को विकास की गति बनाए रखने के लिए आवश्यक बताया। उनका यह संदेश पत्रकारों को भी सकारात्मक लगा, लेकिन इसके साथ ही यमुनानगर की जमीनी हकीकत को लेकर कई सवाल भी उठ खड़े हुए।


पत्रकारों का कहना है कि यदि वास्तव में संवाद जरूरी है, तो सबसे पहले जिला जनसंपर्क विभाग को अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव लाना होगा। विभाग द्वारा संचालित व्हाट्सएप ग्रुप केवल वन-वे है, जिसमें अधिकारी संदेश तो भेज सकते हैं, लेकिन पत्रकार न कोई प्रश्न पूछ सकते हैं और न ही अपनी बात रख सकते हैं। ऐसे में संवाद कैसे संभव होगा?
पत्रकारों ने यह भी याद दिलाया कि पहले हर महीने प्रशासन और मीडिया के बीच संवाद बैठक की परंपरा थी, जो लंबे समय से बंद पड़ी है। यदि इसे दोबारा शुरू किया जाए तो अनेक समस्याओं का समाधान आपसी बातचीत से हो सकता है।


यमुनानगर का मीडिया कक्ष भी बदहाल स्थिति का शिकार है। कंप्यूटर लंबे समय से खराब पड़े हैं, प्रिंटर उपलब्ध नहीं है, भवन की छत बारिश में टपकती है और पत्रकारों के लिए मूलभूत सुविधाएं तक नहीं हैं। विभाग की ओर से हर बार यही कहा जाता है कि मामला उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है, लेकिन वर्षों बाद भी हालात जस के तस हैं। नतीजा यह है कि अधिकांश पत्रकारों ने मीडिया कक्ष में आना ही छोड़ दिया है।
शायद यही कारण रहा कि सरकार और मीडिया के बीच समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से आयोजित “वार्तालाप” जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम में जिले के सैकड़ों पत्रकारों में से केवल गिने-चुने पत्रकार ही उपस्थित दिखाई दिए।
अब सवाल यह है कि जब स्वयं उपायुक्त प्रशासन और मीडिया के बीच बेहतर संवाद की आवश्यकता पर जोर दे रही हैं, तो क्या जिला जनसंपर्क विभाग भी इस दिशा में ठोस पहल करेगा? पत्रकारों को उम्मीद है कि “वार्तालाप” केवल एक कार्यक्रम बनकर न रह जाए, बल्कि यमुनानगर में संवाद, सम्मान और सहयोग की नई शुरुआत का माध्यम बने।

स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे