जब जनता बोलेगी — डर के पार सच्चाई की आवाज़

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जब जनता बोलेगी — डर के पार सच्चाई की आवाज़

ज़मीन का खेल – भाग 13

यमुना टाइम्स ब्यूरो

यमुनानगर (राकेश भारतीय) यमुनानगर में बेलगाम जमीन माफिया जहां अफसरो की टेबल पर बैठकर नीतियां निर्धारण करने तक में शामिल हो गया है वही उनके विरुद्ध बोलने वाले को चुप करने या रास्ते से हटाने के सारे रास्ते भी यही बैठ कर तय किए जाने लगे हैं! इस बार कहानी फाइलों या अफसरों की नहीं, बल्कि उन लोगों की है जो इस सिस्टम से टकराए हैं।


जगाधरी, यमुनानगर, काँसापुर, कैंप, जगाधरी वर्कशाप,रतनपुरा, मॉडल टाउन, और सट्टा रोड क्षेत्र के नागरिकों की आवाज़ें अब एक साथ गूंज उठी हैं! इन क्षेत्रों के कई लोगों को जहां उनकी शिकायत वापस करने के लिए रोका गया वही कई लोगो को डराने और और धमकाने का आरोप हैं!

हमने शिकायत की, हमें ही अपराधी बना दिया’ — रामस्वरूप

60 वर्षीय एक सफाईकर्मी ने बताया कि उन्होंने कॉलोनी में नाले की अवैध खुदाई की शिकायत दी थी।
तीन दिन बाद उनका तबादला कर दिया गया।
. ‘हमारा घर गिरा, उनका शोरूम खड़ा हो गया’ — रेखा देवी (मॉडल टाउन)

गृहणी रेखा देवी ने कहा कि उनका छोटा घर तो मार्ग अतिक्रमण बताकर तोड़ दिया गया,जबकि बगल का शोरूम दो मंज़िल ऊपर बढ़ चुका है। “हम गरीब हैं, इसलिए अवैध हैं?
क्या कानून सिर्फ अमीरों के लिए है?”
उन्होंने बताया कि उन्होंने तीन बार आवेदन दिया,
पर हर बार जवाब वही मिला — “जांच जारी है।”
सट्टा रोड से फोन आया – शिकायत वापस लो’ — अजय मेहता (स्थानीय व्यापारी)
अजय मेहता ने बताया कि उन्होंने अपनी दुकान के पास बिना अनुमति के बनाए जा रहे कॉम्प्लेक्स की शिकायत की थी।तीन दिन बाद उन्हें अंजान नंबर से कॉल आया “शिकायत वापस लो, नहीं तो नुकसान उठाओगे।”उन्होंने कहा कि यह सिर्फ धमकी नहीं,बल्कि सिस्टम की मिलीभगत का संदेश था!


‘हमने अपनी ज़मीन बचाई, लेकिन कानून नहीं’ — जसबीर सिंह (कॉलोनी निवासी)
जसबीर सिंह बताते हैं कि उनकी ज़मीन के एक हिस्से को डेवलपर ने “गलती से” अपनी कॉलोनी में जोड़ लिया।
जांच हुई, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला!
उन्होंने कहा कि ये खेल सिर्फ कब्ज़े का नहीं,
बल्कि सिस्टम पर कब्ज़े का है।
जिले मे इन आवाज़ों ने साबित कर दिया कि
यमुनानगर में अब भय और भ्रष्टाचार साथ-साथ चलते हैं लेकिन फर्क ये है कि अब जनता चुप नहीं रहेगी। यमुना टाइम्स ने कई बार अधिकारियों से उनका पक्ष लेने के लिए संपर्क किया लेकिन वह इससे बचते रहे हालांकि यमुना टाइम्स द्वारा इस पूरे प्रकरण के विषय में निगम मेयर सुमन बहमनी से भी बातचीत की जाएगी! मेयर सुमन बहमनी ने निगम का कार्यभार संभालते ही कहा था कि वह भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेंगी और ना ही अपने काम में कोताही बरतने वाले कर्मचारी बख्शे जाएंगे! यमुना टाइम्स द्वारा कर्मचारियों के नदारद रहने के समाचार प्रकाशित करने के पश्चात भी यमुनानगर जगाधरी नगर निगम की मेयर सुमन बहमनी ने इस मामले को संज्ञान में लेते हुए तुरंत स्वयं जाकर जांच की थी! यमुना टाइम्स से बातचीत में लोगों ने आरोप लगाया कि कई गांव में महिला सरपंचों के स्थान पर उनके पति या परिवार के सदस्य दखलअंदाजी करते हैं ठीक ऐसा ही निगम में भी होने लगा है इस विषय में भी यमुना टाइम्स पूरी पड़ताल करेगा क्योंकि यमुना टाइम्स पर सच अभी बाकी है….
अगले भाग मे…पर्दे के पीछे की डील… जब पावरफुल पदों पर बैठे कुछ दलालों ने विकास का सौदा कर लिया!

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