डीएसपी ने फ्रेंड के घर में की चोरी, CCTV में कैद हुई करतूत

इस खबर को सुनें

डीएसपी ने फ्रेंड के घर में की चोरी, CCTV में कैद हुई करतूत

यमुना टाइम्स
नेशनल डेस्क: जिन कंधों पर सुरक्षा की जिम्मेदारी हो यदि वही इसके विपरीत कार्य करें तो आज भी सोचने को मजबूर हो जाएंगे  कि वह करें तो क्या करें। ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमें डीएसपी ने ही एक मोबाइल और चंद रुपयों की खातिर चोरी कर ली।
जिन चोरों को पकड़ने का कर्तव्य पुलिस का होता है उस कर्तव्य के विपरीत यदि पुलिस भी चोरी करने लगे तो इसे आप क्या सही कहेंगे ? जी हां ताजा मामले में डीएसपी ने ही चोरी की है। चौकाने वाली घटना मध्य प्रदेश की
राजधानी भोपाल से है, जहाँ राज्य पुलिस मुख्यालय में पदस्थ महिला डीएसपी कल्पना रघुवंशी पर अपनी ही सहेली के घर में चोरी करने का आरोप लगा है। घटना जहांगीराबाद थाना क्षेत्र की बताई जा रही है।

पीड़िता प्रमिला तिवारी के अनुसार, आरोपी डीएसपी रविवार को उनके घर आई थीं। इसी दौरान वे कुछ देर के लिए नहाने गईं, और जब बाहर आईं तो घर में रखा करीब दो लाख रुपये नकद और एक मोबाइल फोन गायब था।

संदेह होने पर जब प्रमिला तिवारी ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी तो उसमें महिला डीएसपी को घर के भीतर जाते और कुछ देर बाद बाहर निकलते हुए साफ देखा गया। इसके बाद उन्होंने तुरंत जहांगीराबाद थाने में शिकायत दर्ज करवाई।

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि चोरी के समय घर में कोई अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था।

 

 

 

जहांगीराबाद थाना प्रभारी के अनुसार —

> “सीसीटीवी फुटेज प्राप्त कर ली गई है। आरोप गंभीर हैं। फिलहाल महिला अधिकारी से संपर्क नहीं हो पा रहा है, उनकी तलाश की जा रही है। विभागीय जांच भी शुरू की गई है।”

 

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी महिला डीएसपी फिलहाल फरार हैं और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस की टीमें उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

इस घटना ने पुलिस विभाग की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर जहां कानून की रखवाली करने वाले अफसरों से जनता अनुशासन और ईमानदारी की उम्मीद करती है, वहीं दूसरी ओर इस तरह की घटना ने पूरे महकमे को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर इस घटना की खूब चर्चा हो रही है। कई यूजर्स ने इसे “वर्दी की साख पर दाग” बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।

स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे