कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा को लेकर पीएनबी की बड़ी कार्रवाई!

इस खबर को सुनें

PNB की बड़ी कार्रवाई: हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा से जुड़े मामले में बंधक संपत्तियों की नीलामी का नोटिस जारी

यमुना टाइम्स ब्यूरो
यमुनानगर (राकेश भारतीय)पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने ऋण वसूली की कार्रवाई के तहत हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, उनके दो पुत्रों तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों के नाम सार्वजनिक नोटिस जारी किया है। यह नोटिस समाचार पत्र में प्रकाशित हुआ है और यमुना टाइम्स द्वारा बैंक स्तर पर इसकी पुष्टि भी की गई है कि मामला कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा से संबंधित है।


प्रकाशित नोटिस के अनुसार, स्टार राइस इंडस्ट्रीज से जुड़े इस मामले में लगभग 11.74 करोड़ रुपये (ब्याज सहित) की वसूली के लिए रिकवरी सर्टिफिकेट जारी किया गया है। नोटिस में कहा गया है कि निर्धारित समय में बकाया राशि जमा नहीं होने के कारण अब बंधक रखी गई संपत्तियों की बिक्री (नीलामी) की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

नोटिस में 13 अगस्त 2026 की तिथि का भी उल्लेख किया गया है। सार्वजनिक नोटिस में श्याम सिंह राणा, उनके पुत्रों तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों के नाम दर्ज हैं। इसके बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या इस कार्रवाई के तहत कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा से संबंधित बंधक संपत्तियों की भी नीलामी की जाएगी?
हालांकि, समाचार पत्र में प्रकाशित नोटिस से यह स्पष्ट नहीं होता कि नीलामी के लिए सूचीबद्ध संपत्तियों में कृषि मंत्री की कौन-सी विशिष्ट संपत्ति शामिल है। यह स्थिति आगे की कानूनी प्रक्रिया और संबंधित दस्तावेजों से ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।


इस संबंध में यमुना टाइम्स ने बैंक स्तर पर पुष्टि की है ज़ब पीएनबी के अधिकारियों से इस बारे पूछा गया तो एक अधिकारी ने अपना नाम ना बताने की शर्त पर पुष्टि की की प्रकाशित नोटिस में वर्णित मामला कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा से जुड़ा है। वहीं, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा अथवा उनके कार्यालय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यमुना टाइम्स मंत्री पक्ष का पक्ष प्राप्त करने का प्रयास कर रहा है। उनका पक्ष प्राप्त होते ही उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा, ताकि पाठकों के सामने मामले का दूसरा पक्ष भी पूरी निष्पक्षता के साथ रखा जा सके।

स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे