पंचायत चुनाव परिणाम!अकडू नेताओं को जनता ने चटाई धूल

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गांधी जी के सपनों के असली भारत अर्थात गांवों में चुनी गई सरकार

अकडू नेताओं को मतदाताओं ने चटाई धूल

पूर्व विधायक चौधरी अर्जुन सिंह की पोत्री रूपम ने भी लहराया जीत का परचम

यमुना टाइम्स ब्यूरो

यमुनानगर ( राकेश भारतीय) जिले के 489 ग्राम पंचायतों में गांवों की सरकार चुनी जा चुकी है। बुधवार को गांवों में अपने सरपंच और पंच चुनने के लिए लाखों मतदाताओं ने उत्साह के साथ वोट डाले। इस दौरान सभी खंडाें में कुल 86.6 प्रतिशत मतदान हुआ। शाम को मतदान खत्म होने के बाद मतदान केंद्रों पर ही मतगणना शुरू हुई और देर शाम तक नतीजे आते रहे।

तदान केंद्रों पर आलम यह रहा कि जैसे-जैसे चुनाव परिणाम घोषित होता रहा, जीतने वाले प्रत्याशियों के समर्थक छोटे-छोटे विजयी जुलूस की शक्ल में वहां से रवाना होते रहे। जीतने वालों ने गांवों में खूब मिठाइयां बांटी और उनके खेमों का माहौल भी उल्लास से लबरेज रहा।

इस दौरान कुछेक जगहों पर छिटपुट विवाद भी हुए मगर स्थिति नियंत्रण में रही। उधर, करीब पौने दो साल बाद गांवों को नए चौधरी मिल गए हैं। इसलिए ग्रामीण भी अब इस आस में हैं कि नई ग्राम पंचायत बनने के बाद उनके गांवों में रुका विकास भी आगे बढ़ेगा।चुनाव के दौरान जिले में 449 ग्राम पंचायतों के सरपंचों व पंचों के चुनाव के लिए लोगों ने वोट डाले। 40 पंचायतों में पहले ही सर्वसम्मति से सरपंच चुने जा चुके हैं। जिले में 491880 मतदाताओं में से 426152 लोगों ने वोट डाले। 86.6 प्रतिशत मतदान हुआ जबकि 30 अक्तूबर को जिला परिषद व ब्लॉक समिति के लिए 77.7 प्रतिशत ही मतदान हुआ था।

सुबह से ही मतदान केंद्रों के बाहर लोगों की लंबी लाइन लगी रही। शाम छह बजे मतदान खत्म होने के बाद निर्वाचन अधिकारियों ने चुनाव परिणाम घोषित करने शुरू किए। सरपंच पद का चुनाव ईवीएम व पंच का चुनाव बैलेट पेपर से हुआ। मतदान केंद्रों पर ही विजेता सरपंचों व पंचों को समर्थकों ने कंधों पर उठा लिया। उन्हें फूलों और नोटों की माला पहनाई गई। ढोल बजवा कर नाच गाकर अपनी खुशी का इजहार किया। समर्थकों ने आतिशबाजी भी की। अब फिलहाल एक ही ग्राम पंचायत गुंदियानी बची है जिसमें चुनाव नहीं हुआ। यहां सरपंच पद बीसी-ए के लिए आरक्षित होने के कारण गांव से कोई नामांकन नहीं आया था। गांव के चुनाव को लेकर अब सरकार आगामी फैसला लेगी।

 

सरपंच पद के लिए 1639 उम्मीदवार थे चुनाव मैदान में

सरपंच पद के चुनाव के लिए 1639 उम्मीदवार मैदान में थे। 855 पुरुष व 784 महिलाएं थी। ब्लॉक बिलासपुर से 305, छछरौली से 262, जगाधरी से 259, प्रतापनगर से 169, रादौर से 240, साढौरा से 126, सरस्वतीनगर से 278 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा। खंड बिलासपुर के 8, छछरौली के 7, जगाधरी के एक, प्रतापनगर के 6, रादौर के 5, साढौरा के 7, सरस्वती नगर के 6 सरपंच सर्वसम्मति से चुन लिए गए थे। जिले में कुल 3841 पंच पदों के लिए चुनाव होना था। लोगों ने भाईचारे की मिसाल देते हुए 2610 पंचों को सर्वसम्मति से चुन लिया था। ब्लॉक बिलासपुर में 514, छछरौली मेें 434, जगाधरी में 313, प्रतापनगर में 346, रादौर में 381, साढौरा में 259, सरस्वती नगर में 363 पंच सहमति से चुने गए थे। इसके बाद शेष बचे 1231 पंच पदों के लिए 2417 उम्मीदवारों मैदान में थे। इनमें 1311 पुरुष व 1106 महिला प्रत्याशी थी।
शांतिपूर्ण संपन्न हुआ चुनाव : डीसी
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी राहुल हुड्डा ने बताया कि जिला परिषद की तरह सरपंच व पंचों का चुनाव भी शांतिपूर्ण संपन्न हुआ। लोगों ने बड़ीं संख्या में मतदान किया। कहीं कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। सभी गांवों में बूथों पर सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए ।

कोई और डाल गया महिला का वोट, परिजनों ने किया हंगामा
छछरौली के गांव कोट में महिला मतदाता ने आरोप लगाया कि उसकी जगह किसी अन्य ने पहले ही वोट डाल दी। जिसको लेकर महिला व उसके परिजनों ने हंगामा कर दिया। मतदान केंद्र पर मतदान रोक ग्रामीण एकत्रित हो गए। मौके पर पुलिस प्रशासन की टीम के पहुंच गई। जांच करने पर पता चला कि मतदान केंद्र में दर्ज रिकॉर्ड में उसकी वोट डाल चुकी थी जबकि महिला के किसी भी हाथ पर निशान नहीं लगा था। महिला को बिना मतदान के ही वापस लौटा दिया गया।
धक्का-मुक्की के बीच टाइलों में गिरा युवक, घायल
गांव बसातियांवाला में एक बुजुर्ग मतदाता के साथ एक युवक वोट डलवाने जा रहा था। जिस पर वहां खड़े
सुखबीर सिंह ने कहा कि केवल परिवार का सदस्य ही वोट डलवा सकता है। इस पर पूर्व सरपंच के परिजनों ने इसका विरोध करते सुखबीर के साथ अभद्र व्यवहार किया। वहां से बाहर आने पर उनमें धक्का-मुक्की हो गई। इसी दौरान वहां खड़ा युवक कमल टाइलों पर गिर गया। जिससे उसके सिर पर चोट लग गई। मौके पर मौजूद पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा कर शांत कराया।
वोट डालने पर अड़ा युवक, हुई बहस
गांव अजीजपुर कलां में वोट डालने को लेकर विवाद हुआ। जहां पर एक युवक अपने परिवार की महिलाओं की वोट खुद ही डालने पर अड़ गया। जिस पर पीठासीन ने कहा कि मतदाता खुद ही अपनी वोट डालेगा परंतु युवक उनकी सुनने को तैयार नहीं था। वहां काफी देर तक बहस हुई। जिस पर वहां तैनात पुलिसकर्मी ने युवक को मतदान केंद्र से बाहर निकाला।

अब तक प्राप्त परिणामों के अनुसार यहां से यह चुना गया सरपंच

यमुनानगर में हुए ग्राम पंचायतों के चुनाव के परिणाम

बिलासपुर मंडल की सबसे बड़ी पंचायत में कीर्ति रानी ने विजय का परचम लहराया

जिले में संपन्न हुए ग्राम पंचायतों के चुनाव में आज समाचार लिखे जाने तक कई सरपंच पदों के प्रत्याशियों के परिणाम सामने आ गए हैं। देर रात तक सभी पंचायतों के सरपंच पद के प्रत्याशियों के परिणाम आ जाएंगे।


गांव सढुरा से जसविंदर असिंह ने प्रवीण कुमार को 31 वोटो से हराकर सरपंच पद पर कब्जा किया। वहीं रोहित शर्मा लगातार दूसरी बार गांव बापौली के सरपंच बने। गांव पासी डेरा भारती गांव की सरपंच बनी। रादौरी से उधम सिंह कांबोज सरपंच बने। गांव खुर्दबन से सुभाष सैनी ने सरपंच पद पर जीत हासिल की। गांव बैंडी में बलवान सिंह सरपंच बने। गांव अलीपुरा में रजनी देवी सरपंच बनी। वहीं गांव झगुडी से पदम सिंह लगातार दूसरी बार सरपंच बने। हरनौल से सुषमा रानी पत्नी निर्मल सिंह सरपंच बनी। गांव खजूरी में संजीव कुमार रिंकू सरपंच बने। गांव दौलतपुर में जसविंदर कौर सरपंच बनी। गांव बापा में परमजीत सिंह पम्मा सरपंच बने। गांव खेडकी में परमजीत सिंह पम्मी सरपंच बने। गांव अलाहर में रजत कांबोज सरपंच बने। गांव कांजनू में रिंपी कांबोज सरपंच बनी।
गांव गुमथला से प्रवीण कुमार सरपंच बने। गांव कंडरौली से मांगेराम ढांडा, गांव संधाला से सतीश कुमार, गांव बरहेडी से नीलम देवी सरपंच बनी। गांव नाचरौन से रजविंद्र कौर सरपंच बनी। गांव खेडी लक्खा सिंह से अनीता रानी सरपंच बनी। गांव भागुमाजरा से कमलेश रानी सरपंच बनी।। गांव ठसका में माया देवी ने सोनम देवी को मात्र एक वोट से हराकर सरपंच पद पर जीत हासिल की। माया देवी को 452 व सोनम देवी को 451 मत प्राप्त हुए। वहीं गांव पालेवाला में सुखबीर ने बलवान सिंह को 1 मत से हराकर सरपंच पद पर कब्जा किया। सुखबीर को 390 मत प्राप्त हुए व बलवान को 389 मत प्राप्त हुए।
गांव लक्सीबांस में उमा कांबोज ने नैंसी को 200 मतों से हराकर सरपंच पद पर कब्जा किया।गांव ठसका खादर से माया सैनी ने मात्र 1 वोट से जीत हासिल कर सरपंच पद पर कब्जा किया। गांव बकाना में प्रमोद कुमारी सरपंच बनी। गांव जठलाना में बीर सिंह सरपंच बने। विजयी। गांव घेसपुर से कृष्णा देवी सरपंच बनी। गांव मंधार से प्रीति कांबोज सरपंच बनी। रपडी में कुलदीप सिंह व गांव पोटली में गौरव कुमार सरपंच बने। वहीं गांव धौलरा सतीश सरपंच बने गांव पोटली से गौरव विजयी। गांव रपड़ी से कुलदीप विजयी। गांव कांजनू से रिंपी कांबोज विजयी।

हल्का जगाधरी गाँव जयरमपुर से जेजेपी पार्टी के ज़िला अध्यक्ष चौधरी अर्जुन सिंह  की पोत्री श्रीमती रूमन देवी ने सरपंच पद पर विजय का परचम लहराया.

सढ़ोरा हल्के गाँव टोडरपूर से जेजेपी पार्टी के  राजपाल सरपंच पद पर विजय हुए.

समाचार लिखे जाने तक प्राप्त परिणामों की जानकारी आपको दे दी गई है बाकी पंचायतों के चुनाव परिणाम भी जमा ट्रांसफर आपको शीघ्र उपलब्ध कराए जाएंगे।

यमुना टाइम्स की ओर से दो लाइन हारने वाले प्रत्याशियों के लिए

हारने वालों के चेहरे पर भी एक मुस्कान होनी चाहिए
क्योंकि अफसोस तो उन्हें होना चाहिए जो मैदान में उतरे ही नहीं

 

 

 

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