किसानों का आंदोलन वापस, टला खून खराबा

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गुस्ताखी माफ़ हरियाणा।

चढूनी ने अमित शाह की रैली का विरोध करने की अपील वापिस ली -ठीक किया -खून खराबा बचा -सरकार को भी राहत।
भारतीय किसान यूनियन मुखिया गुरुनाम सिंह चढूनी ने गोहाना में हो रही अमित शाह की रैली का विरोध करने की अपील वापिस लेकर किसानो को बहुत बड़े खून खराबे से बचा लिया है। इसके साथ हरियाणा पुलिस ने भी राहत महसुस की है। चढूनी ने किसानो से अपील की थी की रैली में भाजपा की कमीज पहन कर जाये और जब शाह बोले तो मुर्दाबाद के नारे लगाए।


वे गन्ने की कीमत में वृद्धि की मांग कर रहे थे। इससे पुलिस के हाथ पैर काँप गए थे। सरकार ने गन्ने का भाव दस रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाकर चढूनी को फेस सेविंग फार्मूला दे दिया नहीं तो खून खराबा होना था। हरियाणा पुलिस के उच्चपदस्थ सूत्रों के अनुसार उन्हें चीफ मिनसिटर मनोहर लाल की सख्त हिदायत थी की रैली में किसी भी कीमत पर प्रदर्शन नहीं होने देना है चाहे कुछ भी करना पड़े। टकराव की स्थिति काफी भयानक होती।

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मनोहर लाल किसी भी कीमत पर अपने आका अमित शाह की शान में गुस्ताखी बर्दाश्त करने को त्यार नहीं थे। अब चढूनी ने विरोध की कॉल वापिस ले कह दिया है की किसान चुनाव में भाजपा का विरोध करेंगे।

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